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उत्तराखंड सरकार उच्च हिमालयी क्षेत्रों में वेलनट मिशन शुरू करनें जा रहीं है
क्या है वेलनट मिशन योजना 👇
स्थानीय लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए अखरोट, बांस और बांज जिसे पेड़ों की प्रजातियां को बढ़ावा देने हेतू उत्तराखंड सरकार द्वारा नई योजना
उत्तराखंड में वन संपदा को लोगों की आजीविका से जोड़ते हुए नए प्रयोग करने की तैयारी है इसमें उच्च हिमालय क्षेत्र, और
साथ ही मैदानी इलाकों में इस योजना पर काम करने की तैयारी हो रही है, इस योजना में अखरोट बांस, बांज, सागोंन और पापुलर पेड़ों की प्रजातियां को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
साथ ही मैदानी इलाकों में इस योजना पर काम करने की तैयारी हो रही है, इस योजना में अखरोट बांस, बांज, सागोंन और पापुलर पेड़ों की प्रजातियां को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
उच्च हिमालय क्षेत्र में उद्यान विभाग के साथ मिलकर अखरोट उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वैलेंट मिशन के तहत काम किया जाएगा।
एक अनुमान के अनुसार राज्य की आय की वानिकी क्षेत्र में हिस्सेदारी 2.5 और 3.5% तक है। सरकार चाहती है कि वानिकी क्षेत्र का उपयोग करते हुए इस वन पंचायत और लोगों की आजीविका से जोड़ा जाए।
उत्तराखंड अखरोट उत्पादन के लिए अनुकूलित है।
उत्तराखंड राज्य अखरोट उत्पादन में देश में जम्मू कश्मीर के बाद दूसरे नंबर पर आता है। यह अखरोट उत्पादन के लिए अनुकूलित परिस्थितियों है इसकी बावजूद भी बीते सालों में राज्य में इसका उत्पादन घटा ही है, उत्तराखंड राज्य में प्रतिवर्ष करीब 18 से 20000 मेट्रिक टन अखरोट का उत्पादन होता है। और इस राज्य में नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर,पिथौरागढ़, चंपावत, देहरादून, पौड़ी,टिहरी,चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी की ऊंचाई वाले क्षेत्र में उत्पादन के अपार संभावना है यही वजह है कि सरकार अब अखरोट उत्पादन को मिशन मोड पर लाने की तैयारी में जुटी हुई है

