● जलवायु परिवर्तन से बाढ़ और तूफान में 84 प्रतिशत की वृद्धि साल 2021 में उच्च प्रभाव वाले मौसम और जलवायु परिवर्तन की घटनाओं के कारण सैकड़ों मौतें हुई और सीधे तौर पर लाखों लोग प्रभावित हुए । इन घटनाओं में से लगभग 84 प्रतिशत बाद या तूफान थे । क्लुगे ने बताया कि वैश्विक औसत तापमान में 11 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि के साथ हमारे क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ पर प्रभाव पड़ा है ।
● लंबे समय का आपदा संकट नेक्लूज ने कहा , जलवायु परिवर्तन और इसमे उत्पन्न संकट से लंबे समय से आपात स्थिति है । साथ ही इस पर की जाने वाली कार्रवाई धीमी है । बता दें कि यह आंकड़ा तब आया है जब दुनिया भर के प्रतिनिधि और वार्ताकार 2022 के संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन ( सीओपी 27 ) में मिस्र के शर्म अल - शेख में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को तत्काल कम करने के लिए पूर्व समझौतों पर निर्माण करने के लिए बैठक कर रहे हैं । इस बैठक में सभी देश स बात पर सहमत हैं कि वैश्विक तापमान दो डिग्री सेंटीग्रेड से कम होना है लेकिन इसे लेकर विकसित और विकासशील देशों में मतभेद दूर होने ए
● ठंडे देशों में भी बढ़ा तापमान आमतौर पर यूरोप के सभी देश उडे होते हैं और यहाँ सर्दियों का असर अधिक होता है । लेकिन देखने में आ रहा है कि साल - दर साल यूरोपीय देशों में भी गर्मी बढ़ रही है साथ ही फ्रांस , स्पेन , ब्रिटेन , न्यूजीलैंड का भी तापमान बढ़ा है ।
यूरोप के देशों में इस साल जलवायु परिवर्तन के कारण भारी नुकसान हुआ है । भीषण गर्मी के कारण 15 हजार लोगों की जान चली गई । विश्व स्वास्थ्य संगठन ( डब्ल्यूएचओ ) ने कहा कि यूरोप में लोगों की मौत का यह आंकड़ा बेहद चिंताजनक है । कुछ देशों में असामान्य बारिश , लू की वजह से सूखा पड़ जाना और जंगलों में आग लगना जैसी घटनाएं हुई थीं । डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय निदेशक , हंस हेनरी क्लुगे नेक्लूज ने कहा कि अब तक प्रस्तुत किए गए देश के आंकड़ों के आधार पर यह अनुमान लगाया गया है । इसमें यूरोप के स्पेन में लगभग 4,000 मौतें , पुर्तगाल में 1,000 से अधिक , ब्रिटेन में 3,200 से अधिक और जर्मनी में लगभग 4,500 मौतें गर्मियों के 3 माह के दौरान हुई थी ।
पिछले 50 वर्षों में 148,000 से अधिक लोग मरे पिछले 50 वर्षों में यूरोपीय क्षेत्र में 145,000 से अधिक लोगों की जान गई है । यूरोप में तापमान 1961-2021 की अवधि में लगभग 0.5 डिग्री सेल्सियस प्रति दशक की औसत दर से काफी गर्म हो गया है । विश्व मौसम विज्ञान संगठन ( डब्ल्यूएचओ ) द्वारा इस सप्ताह शुरू की गई एक रिपोर्ट के अनुसार यह सबसे तेजी से गर्म होने वाला क्षेत्र है ।
