Lyrics has been copied to clipboard!
प्रागैतिहासिक काल - कोचिंग का दूसरा दिन
1-जिस काल में मनुष्य की घटनाओ का विवरण नही मिलता उसे हम प्रागैतिहासिक काल कहते है2- पाषाण काल को तीन भागो में बनता गया है-1-पूरा पाषाण काल , मध्य पाषाण काल, नव पाषाण काल
3-होमोसैपियन्स "ज्ञानी मानव" का इस धरती में प्रवेश लगभग30-40 हजार वर्ष पूर्व माना जाता है
4- पूरा पसहन काल को आखेट या खाद्य संग्राहक काल भी कहते है
5-मनुष्य की जीविका का आधार पूर्व पाषाण युग में शिकार करना थी
6-आग का आविष्कार पुरापाषाण काल में हुई
7-पहिये का आविष्कार नव पाषाणकाल में हुई
8-मनुष्य ने स्थायी निवास करना नव पाषाण काल में शुरू किया
9-उसने सबसे पहला पालतू जानवर कुत्ते को बनाया
10-मनुषय ने सबसे पहले ताँबा धातु की खोज की थी
11-उसने सबसे पहले औजार के रूप में कुल्हाड़ी बनायीं थी
12-कृषि कार्य उसने नव पाषाण काल में प्रारम्भ किया
13-कृषि के लिए उगाई जाने वाली प्रथम फसल जौ और गेहू थी
14-मेहरगढ़ से से सर्वप्रथम कृषि के साक्ष्य मिले है
15-प्रचीन चावल की कृषि का साक्ष्य कोल्डिहवा से मिले है
16-औजार संभवत पत्थर से बनाये जाते थे
17-भारत की पुराकालीन औजारो का श्रेय रॉबर्ट ब्रूस फुट(1863) को जाता है
18-भारत का सबसे प्राचीनतम नगर मोहनजोदड़ो था
19-इसे सिंधी भाषा में मृतको का किला भी कहा जाता था
20जोर्वे संस्कृति का सम्बन्ध इनामगांव ताम्रपाषाण युग की एक बस्ती से था
21-भारत में मनुष्य संबंधी सबसे पहला प्रमाण नर्मदा घाटी से मिल है
22-असोम में स्वेतभ्रू गिबन भारत में पाया जाने वाला मानवाभ कपि था
नोट्स के लिए आप मेरे ब्लॉग भी देख सकते है
www.uttarakhandgkupdates.blogspot.in
