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#कोचिंग का पहला दिन ... इतिहास नोट्स से - प्रवीन
1-हड़प्पा सभ्यता का समय 2350 ई.पू. से 1750 ई.पू. तक तक माना जाता है
2-हड़प्पा सभ्यता का पता 1921 मे दायराम साहनी और माधोस्वरूप ने पाकिस्तान के मोटेगोनरी जिले मे पता किसने लगाया
3-मोहनजोदड़ो सिंधु नदी के तट पर है तथा स्थल की खुदाई1922-23 में राखलदास बनर्जी ने की ?
4-हड़प्पा सभ्यता का क्षेत्र 12,99,660 वर्ग किलोमीटर में फैला है
5-भारत में गुजरात के काठियावाड़ और अमहदाबाद, राजस्थान के श्रीगंगानगर, हरियाणा के हिसार और पंजाब के रोपड़ में हड़प्पा सभ्यता का पता चला है
6 हड़प्पा वासियों की सामाजिक व्यवस्था का मुख्य आधार परिवार था
7-हड़प्पा वासियों का समाज मातृ सत्तात्मक था
8-आग से पकी हुई मिट्टी को इस समय टेराकोटा कहा जाता था
10-बिल्ली का पीछा करते हुए कुत्ते के पंजों के निशान सिंधुकालीन स्थल चन्हूदड़ो में कहां मिले हैं
11-चन्हूदड़ो में मनका निर्माण की फैक्ट्री स्थित थी
12-शतरंज खेल का प्रचलन हड़प्पा के समय था
13- हड़प्पा में पशुपति और मातृ देवी की अराधना की जाती थी ?
13-कूबड़ वाला बैल तथा श्रृंग युक्त पशु हड़प्पा तथा सिंधुघाटी सभ्यता में पवित्र पशु माने जाते थे
14-हड़प्पावासी फाख्ता पक्षी को अपना पवित्र पक्षी मानते थे
15-मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए 3- विधियां 1-पूर्ण समाधीकरण,
2आंशिक समाधीकरण,3दाह-संस्कार प्रचलित थीं
16- हड़प्पा में मुख्य 2 फसल गेहूं, जौ , फसलें उपजाई जाती थीं , इसके अटरिक्त अतिरिक्त कपास, तरबूज तथा मजर भी उपजाए जाते थे, नौ फसलों की पहचान हुई है
17-कपास के उपज की पहली जानकारी हड़प्पा से मिली ,कपास को यूनानी सिन्डॉन कहते थे
18- खेत की जुताई के लिए हल का प्रयोग किया गया था
19-कांस्य ,तांबा, टिन घातु मिलने के प्रमाण हैं
20-हड़पा सभ्यता में व्यापार लोग आंतरिक और बाह्य व्यापार में संलग्न थे । आंतरिक व्यापार बैलगाड़ी से संचालित होता था ।
21-सैंधव वासी मिठास के लिए शहद चीज का इस्तेमाल करते थे
22-वस्तु विनिमय प्रणालीहड़प्पा के समय व्यापार की कौन सी प्रणाली प्रचलित थी
23-हड़प्पा के समय प्रमुख उद्योग कपड़ा उद्योग, आभूषण निर्माण, शिल्पकर्म, बढ़ईगिरी, मिट्टी के बर्तन बनाना थे
24-हड़प्पा यहां के लोगों ने नगरों और घरों के विन्यास के लिए ग्रीड पद्धति पद्धति को अपनाई
25-निकास प्रणाली हड़प्पा सभ्यता में शहरीकरण की प्रमुख विशेषता थी
25-हड़प्पा के मोहनजोदड़ो मे विशाल स्नानागार के साक्ष्य मिले हैं
26-सैंधवकालीन मुहरों से हड़प्पा में लिपि और धर्म की जानकारी मिलती है
27- अग्नि कुंड लोडल एव काली बंगन से प्राप्त हुये है
28-इस समय चित्राक्षर लिपि लिपि प्रचलित थी ,इस लिपि में 400 चित्र चिह्न ज्ञात हैं इस चित्राक्षर लिपि को बेन्डोफ्रेंड्रम लिपि जाता है इस लिपि को बाईं से दाईं ओर तथा फिर दाईं से बाईं तरफ को लिखा जाता था
29-भारत के गुजरात में सबसे अधिक हड़प्पायुगीन स्थलों की खोज हुई है
30-सुरकोटडा सैंधव पुरा स्थल से घोड़े की हड्डियों के प्रमाण मिलते हैं
31-सैंधव स्थलों से मेहरगढ़ पर सर्वप्रथम कृषि के साक्ष्य उपलब्ध होते हैं
32-धौलावीरा हड़प्पाकालीन स्थल है जो त्रि-स्तरीय था
33-चावल के उत्पादन के साक्ष्य सैंधव पुरास्थल के रंगपुर एवं लोथल से प्राप्त हुए हैं
34-मेसोपोटामियाई अभिलेखों में सिंधु क्षेत्र का प्राचीन नाम मेलुहा है
35-कालीबंगा सैंधव पुरा स्थल से फर्श के निर्मित अलंकृत ईंटों का प्रयोग किया गया था
36- सैंधव सभ्यता के लोग यातायात के लिए दो पहिया एवं चार पहिया वाली बैलगाड़ी था भैंसा गाड़ी का उपयोग किया करते थे
37- सिंधु घाटी के लोग उर्वरता की देवी मानकर कर धरती की पूजा किया करते थे
38- वृक्ष पूजा और शिव पूजा के साक्ष्य सिंधु सभ्यता से मिले है
39- परदा प्रथा एवं वैश्या वृति सैंधव सभ्यता मे प्रचलित थी
40- सैंधव सभ्यता का विनाश सम्भ्व्ता बाढ़ आने के कारण या प्रकृतिक आपदा के कारण हुआ हो
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पढ़ने के लिए धन्यवाद दोस्तों
