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बौद्ध धर्म – कोचिंग का 3 दिन – #प्रवीन_नोट्स
1. बौद्ध धर्म मे 4 सभाएं हुई थी 1-483 ईसा पूर्व, 2- 383 ईसा पूर्व ,3-255 ईसा पूर्व ,4- प्रथम ई शताब्दी मे2. बौद्ध धर्म का संस्थापक गौतम बुद्ध को कहा जाता है , इन्हे एशिया का पुंज(light of asia) भी कहा जाता है
3. गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व कपिलवस्तु लुंबानी मे हुआ था
4. पिता सुधोधन और माता मायादेवी , गोतम बुद्ध के जन्म होते ही 7 दिन बाद इनकी माता की मृत्यु हो गई थी
5. इनका लालन – पालन इनकी सोतेली माँ प्रजापति गोमती ने किया
6. इनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था
7. इनका विवाह 16 वर्ष की आयु मे यशोधरा के साथ हुआ , तथा इनके पुत्र का नाम राहुल था
8. जब ये कपिलवस्तु के सैर पीआर निकले तो इन्हे बूढ़ा व्यक्ति , एक बीमार व्यक्ति , शव , संयसी मिला
9. इनहोने 29 वर्ष की आयु मे गृह त्याग किया, जिसे बौद्ध धर्म मे महाभिनिष्क्रमन कहा गया है
10. गृह त्याग के बाद सिधार्थ ने वैशाली मे आलारकलाम से सांख्य दर्शन की शिक्षा ग्रहण की
11. उरुवेला मे सिधार्थ को पाँच साधक मिले
12. 6 वर्ष तक बिना अन्न जल ग्रहण किए 35 वर्ष की आयू मे वैशाखी की पुर्णिमा की रात निरंजना नदी के किनारे , पीपल वृक्ष के नीचे इन्हे ज्ञान प्राप्त हुआ
13. ज्ञान प्राप्ति के बात इन्हे बौद्ध नाम से जान गया और उसी स्थान को बोधगया कहा गया
14. बौद्ध ने अपने उपदेश पाली भाषा मे दिये, कोशल , वैशाली , कौशांभी और अन्य राज्यो मे इनहोने अपने उपदेश दिये
15. सबसे जादा उपदेश उन्होने श्रावस्ती मे दिये जो की कोशल की राजधानी थी
16. बिंबिसार , उदयीन , और प्रसेनजीत शासक बौद्ध के अनुयायी थे
17. 483 ईसा पूर्व 80 वर्ष की आयु मे बौद्ध की मृत्यु कुशीनारा देवरिया उत्तरप्रदेश मे हो गई,
18. बोद्ध धर्म मे मृत्यु को महापरिनिवारण कहा गया है
19. बौद्ध की मृत्यु के पश्चात इन के शरीर को आठ भागो मे बाँट कर आठ स्तूपो का निर्माण करवाया गया
20. बौद्ध की जन्म और मृत्यु को चीनी परंपरा मे कैटोन अभिलेख के आधार पीआर निश्चित किया गया है
21. बौद्ध धर्म का ज्ञान त्रिपटिक मे मिलता है जो की पाली भाषा मे है और इनकी संख्या 3 है
22. तृष्णा के खत्म हो जाने को बौद्ध ने इसे निर्वाण कहा है
23. उपनिषद से लिया गया सिद्धांत था – विश्व दुखो से भरा है
24. बौद्ध ने अपने अनुयायीयो को 2 भागो मे बंटा है – 1-भिक्षु (जिन्होने सन्यास ग्रहण किया वो भुक्षुक) 2-उपासक (बौद्ध धर्म मानते हुये ग्रहस्थ जीवन व्यतीत )
25. बौद्ध संघ मे समलित होने की आयु 15 वर्ष थी , बौद्ध संघ मे प्रविष्ट होने को उपसंपदा कहते है
26. बौद्ध धर्म के त्रिरत्न बुद्ध , धम्म , संघ था
27. प्रथम ई. शताब्दी मे बौद्ध धर्म को 2 भागो मे हीनयान और महायान मे विभाजित किया गया
28. बौद्धों का सबसे पवित्र त्योहार वैशाखी पूर्णिमा (बौद्ध पूर्णिमा) है
29. बुद्ध ने माध्यम मार्ग का उपदेश दिया था
30. बौद्ध धर्म और जैनधर्म मे अनीश्वरवाद की समानता दिखती है
31. बुद्ध की प्रथम मूर्ति संभवत मथुरा काल से मिली है
32. पदमसंभव गुरु रिनपांच ने तिब्बत , भूटान , मे बौद्ध धर्म का प्रचार किया
33. बौद्ध की 123 फिट ऊंची मूर्ति हिमांचल प्रदेश के रेवाल सर झील मे है
34. बौद्ध के जीवन से संबन्धित प्रतीक –
35. जन्म – कमल व सांड , गृह त्याग – घोडा , ज्ञान – पीपल वृक्ष , निवारण – पदचिन्ह , मृत्यु – स्तूप
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