उत्तराखंड के 22 वर्ष होने पर क्या विकास हुआ। समीक्षा कीजिये PCS मैंस
वर्ष -2001
* रुड़की विश्वविद्यालय बना आईआईटी रुड़की
* उत्तराखंड में महिलाओं के लिए क्षैतिज आरक्षण 20% करने का फैसला लिया गया था
* वर्ष 2006 में महिलाओं के आरक्षण को 30% बढ़ा दिया गया
उत्तराखंड के पहले मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी जी की सरकार ने 18 जुलाई 2001 को उत्तराखंड मूल की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 20% से अधिक आरक्षण देने का फैसला किया इसके बाद एनडी तिवारी सरकार ने 24 जुलाई 2006 को इसे बढ़ाकर 30% कर दिया.हाल ही में हाईकोर्ट ने क्षैतिज आरक्षण पर रोक लगाई थी,जिस पर धामी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में SLP दायर की थी, फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है वर्तमान मे राज्य मे महिलाओ के लिए 30% आरक्षण लागू रहेगा
वर्ष -2002
*उत्तराखंड के देहरादून में सचिवालय विधानसभा भवन स्थापित किए गए
*उद्योगों के लिये सिडकुल का गठन
*राज्य गठन से पूर्व 2000 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र था
वर्तमान में 8000 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकास हो चुका है
प्रदेश में उद्योगों की स्थापना और सुविधाओं के अवस्थापना विकास के लिए 2002 में उत्तराखंड राज्य औद्योगिक एवं अवस्थापना विकास निगम लिमिटेड ( सिडकुल ) का गठन किया गयो । सिडकल अब तक प्रदेश में लगभग 8000 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर चुका है । इसमें सेलाकुई , आईटी पार्क , बीएचईएल हरिद्वार , पंतनगर , सितारगंज फेज एक और दो , सिगड्डी कोटद्वार शामिल हैं । राज्य बनने से पहले प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र के अधीन लगभग दो हजार एकड़ क्षेत्रफल था ।
वर्ष -2003
* वर्ष 2003 में देहरादून नगरपालिका को नगर निगम बनाया गया
* विशेष औद्योगिक पैकेज 14 हजार उद्योग राज्य गठन से पूर्व थे700 करोड़ का हुआ था निवेश
उत्तराखंड में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज मिला । इस पैकेज की बदौलत राज्य में नए उद्योग स्थापित करने में तेजी आई । राज्य बनने से पहले प्रदेश में कुल 14163 एमएसएमई उद्योग थे । इसमें 700 करोड़ का निवेश किया गया था , लेकिन विशेष पैकेज से उद्यमी निवेश के लिए उत्तराखंड की तरफ आकर्षित हुए ।
वर्ष -2004
*देहरादून में आईएसबीटी ISBT की स्थापना और ऋषिकेश एम्स की सौगात
*वर्ष 2004 में आईएसबीटी की स्थापना की गई । एमडीडीए ने इसका निर्माण किया । इससे उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों के साथ दूसरे राज्यों के लिए भी बस कनेक्टिवी की सुविधा प्रदेशवासियों को मिली ।
इसी साल तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ऋषिकेश में भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ( एम्स ) का शिलान्यास किया, इसका कार्य पूर्ण होने के बाद वर्ष 2012 से एम्स का संचालन किया गया ।
वर्ष -2005
वर्ष -2006
* ऋषिकेश में जानकी सेतु की आधारशिला रखी गई.
*2006 में उत्तरांचल से उत्तराखंड नाम बदला गया
राज्य का नाम उत्तरांचल से बदलकर उत्तराखंड कर दिया गया केंद्र सरकार ने 29 दिसंबर 2006 को इसकी अधिसूचना जारी की 1 जनवरी 2007 से राज्य का नाम बदलकर उत्तराखंड कर दिया गया।
वर्ष -2007
वर्ष -2008
*108 एंबुलेंस मिली और जौलीग्रांट एयरपोर्ट का संचालन हुआ शुरू
*350 से अधिक एंबुलेंस चलती हैं 108 सेवा में
*800 से अधिक कर्मचारी 108 में सेवाएं दे रहे हैं
*एयर पोर्ट 28 फ्लाइट की सेवाएं संचालित होती है
*वर्तमान में उत्तराखंड में 83 हेलीपैड है
मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए मई 2008 में उत्तराखंड को इमरजेंसी सेवाओं के लिए 108 एंबुलेंस की सौगात मिली । वर्तमान में इस सेवा में 800 से अधिक कर्मचारी हैं और 350 से अधिक एंबुलेंस संचालित है । यह सेवा पहाड़ों के लिए लाइफ लाइन साबित हुई । मार्च 2008 में जौलीग्रांट एयरपोर्ट से हवाई सेवाएं शुरू हुई । फरवरी 2009 में एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन किया गया । वर्तमान में जौलीग्रांट से 28 फ्लाइट संचालित हैं । इसके अलावा जौलीग्रांट , पंतनगर , पिथौरागढ़ के नैनी सैनी एयरपोर्ट , गौचर में हवाई पट्टी के अलावा 83 हेलीपैड हैं ।
वर्ष -2009
* NIT की हुई स्थापना और केंद्रीय विश्वविद्यालय मिला
*300 एकड़ की जमीन है एनआईटी के पास
*1973 में हुई थी गढ़वाल विवि की स्थापना
पौड़ी जिले के श्रीनगर के सुमाड़ी में हुई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान ( एनआईटी ) की स्थापना हुई । इस संस्थान में वर्ष 2010-11 में पहला बैच शुरू हुआ । इसके लिए 300 एकड़ भूमि उपलब्ध हुई है । इसमें पहले चरण में 60 एकड़ में एडम ब्लॉक और 1260 छात्र - छात्राओं के लिए परिसर का निर्माण किया जा रहा है । इसी साल 15 जनवरी को गढ़वाल विश्वविद्यालय बना केंद्रीय विश्वविद्यालय । हेमवंती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की स्थापना 23 नवंबर 1973 हुई थी । ये विश्वविद्यालय उत्तराखंड के सबसे प्रमुख शिक्षण संस्थानों में से एक है ।
वर्ष -2010
वर्ष -2011
* इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट की सौगात मिली
वर्ष -2012
वर्ष -2013
केदारनाथ आपदा के बाद एसडीआरएफ का गठन किया गया
* गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन की नींव रखी गई
* 2014 में हरीश रावत सरकार ने तंबू लगाकर विधानसभा सत्र में कैबिनेट बैठक भी किया
गैरसैण स्थित भराड़ीसैंण में विधानसभा का शिलान्यास हुआ इसी साल विजय बहुगुणा सरकार के समय पहली बार गैरसैंण में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, अभी वर्तमान में भराड़ीसैंण में विधानसभा का भव्य भवन बनके तैयार है इसके अलावा मंत्रियों,विधायकों,अधिकारियों के लिए आवास का निर्माण भी कर दिया गया है ,वर्ष 2014 में हरीश रावत सरकार ने पहली बार गैरसैण में तंबू लगाकर विधानसभा सत्र शुरू किया, उस वक्त भराड़ीसैंण में कोई कोई स्थाई विकास नहीं हुआ था जिससे मंत्रियों विधायकों समेत अधिकारियों को टेंट में रहना पड़ा। इसके बाद ही वहाँ पर विकास का पथ आगे बढ़ा था ।
वर्ष -2016
*ऑल वेदर रोड परियोजना का शुभारंभ
*889 किलोमीटर लंबी सड़क पर योजना का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन
दिसंबर 2016 में करीब 12000 करोड रुपए की 889 किलोमीटर लंबी ऑल वेदर रोड परियोजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने किया था तब तक करीब 85% काम पूरा हो चुका था ऑल वेदर रोड राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित हो गई है
वर्ष -2018
*उत्तराखंड सरकार ने शुरू की राज्य आयुष्मान योजना
*48 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बन बने
*23 लाख परिवारों को इलाज मे दी गई की सुविधा
25 दिसंबर 2015 से राज्य आयुष्मान योजना शुरू हुई । इसमें सभी 23 लाख परिवारों को पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी गई । अब तक योजना में 48.55 लाख लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं । अब तक 5.97 लाख लाभार्थियों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है । इस पर सरकार ने 1052 करोड़ की राशि खर्च की है । एक जनवरी 2021 से प्रदेश के सभी राजकीय कर्मचारियों और पेंशनरों को आयुष्मान में राज्य स्वास्थ्य स्कीम के तहत गोल्डन कार्ड पर कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू की थी ।
वर्ष -2019
जिम रानी बहुत देर से बांध परियोजना की सौगात
*ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर काम शुरु
*16 हजार करोड़ रुपये की लागत से 125.20 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना का कार्य शुरू
2019 में ऋषिकेश - कर्णप्रयाग रेल परियोजना का शुरू हुआ । 125.20 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं । परियोजना में 84.24 फीसदी रेलवे ट्रैक सुरंगों के बीच से गुजरेगा । एक सुरंग करीब 20 किलोमीटर लंबी है और यह हिमालयी राज्यों में सबसे लंबी होगी । ट्रेन 35 पुलों और 17. सुरंगों से गुजरेगी । शिवपुरी और ब्यासी स्टेशनों को छोड़कर बाकी सभी 10 स्टेशनों का ज्यादातर हिस्सा सुरंगों वाला होगा । परियोजना के पूरा होने से चीन की सीमा तक सेना की पहुंच आसान हो जाएगी ।
वर्ष -2020
*देश का सबसे लंबा सस्पेंशन ब्रिज डोबरा चांठी का शुभारम्भ
* चमोली जिले में स्थित गैरसैंण बनी उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी
BJP सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने 4 मार्च 2020 को भराड़ीसँण विधानसभा में बजट सत्र के दौरान गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा की थी । इसके साथ उन्होंने गैरसैण को अलग से मंडल बनाने की एलान किया था । हालांकि मंडल बनाने की घोषणा सिरे नहीं चढ़ पाई है । इसके लिए काफ़ी हंगामा भी हुआ, इसके बाद मण्डल बनाने के प्रस्ताव को नये मुख्यमंत्री मंत्री ने स्थगित कर दिया था।
वर्ष -2022 मे क्या?
*केदारनाथ और हेमकुंड रोपवे का शिलान्यास
*हेमकुंड साहिब के लिए 12 किमी का दुनिया का सबसे ऊंचा रोपवे चमोली जिले मे बनेगा
*राज्य के सीमांत गांव में मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए 1202 मोबाइल टॉवरों को मिली मंजूरी
वर्ष 2022 मे अक्टूबर माह मे उत्तराखंड राज्य के दौरे पर आये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गौरीकुंड से केदारनाथ तक करीब 9 किलोमीटर और गोविंदघाट से हेमकुंड तक करीब 12 किलोमीटर के दो रोपवे का शिलान्यास किया । 2024 तक इन्हें पूरा करने का लक्ष्य है । केंद्र ने राज्य के सीमांत गावों में मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए बीएसएनएल के 1202 मोबाइल टॉवरों को मंजूरी दी ।
