Lyrics has been copied to clipboard!
उत्तराखंड जीके अपडेट्स
यहाँ से दूर दूर तक वे बड़े से लगने वाले पहाड़ छोटे छोटे नज़र आ रहे थे , जहाँ तक नज़र आये दूर दूर तक साफ़ मौसम और हाथ पहुचाने लायक वे छोटे छोटे पहाड़ ।। ज्यादा अगर आगे बढ़ें तो गहरी खाई ।।
चंद्रशिला
यह नाम काफी बार लोगो ने सुना भी होगा और और कई लोग इस चंद्र शिला की खड़ी चढ़ाई और इस के मनमोहक दृश्य से परिचित होंगे , चलिये जानते है चंद्र शिला कहाँ पर स्थित है
उत्तराखंड का एक परिचित जिला रुद्रप्रयाग , इस जिले में वैसे काफी पर्यटन स्थल है लेकिन आज बात हो रही है हमारे चंद्रशिला की । यह रुद्रप्रयाग में ऊखीमठ से आगे चोपता नाम के बुग्याल से शुरू होता है भगवान शिव का सबसे ऊंचाई पर तुंगनाथ मंदिर भी यही स्थित है ।। चोपता भले ही रुद्रप्रयाग जिले में हो लेकिन यह चमोली जिले के भी सीमांत में आता है , चमोली के गोपेश्वर से आगे बढ़ने पर मंडल मार्ग से जंगलों से घिरा यह 26 किलोमीटर का रास्ता अति मनोहक है जो सीधे आप को चोपता बुग्याल की तरफ ले जाता है जो रुद्रप्रयाग जिले में आता है ।।
चोपता से 3 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई और बादलों का यह दृश्य मन को शीतलता प्रदान करता है ।। तुंगनाथ बाबा के दर्शन के बाद यहाँ से 2 किलो मीटर की साँस फुला देने वाली खड़ी चढ़ाई चंद्र शिला की ओर ले जाता है ।।13000 मीटर की ऊंचाई पर चंद्र शिला की चोटी पर पहुचने पर अहसास होता है मानो स्वर्ग पर आ गए हों ।।
![]() |
| तुंगनाथ के साथ चंद्रशिला की चोटी |
यहाँ से दूर दूर तक वे बड़े से लगने वाले पहाड़ छोटे छोटे नज़र आ रहे थे , जहाँ तक नज़र आये दूर दूर तक साफ़ मौसम और हाथ पहुचाने लायक वे छोटे छोटे पहाड़ ।। ज्यादा अगर आगे बढ़ें तो गहरी खाई ।।
कहा जाता है यहाँ से सूर्य उदय और अस्त होना जैसे पृथ्वी पर उजाला होना और सूर्य के छिपने के बाद एक दम से अँधेरा होना होता है ।। यहाँ पर एक छोटा मंदिर भी स्थित है
कुछ भी हो अभी तक हमारे राज्य में कुछ पर्यटन स्थल ऐसे हैं जिन पर सरकार की या तो नज़र नहीं जाती या फिर सरकार उसे प्रसिद्ध करने का कार्य नहीं करते हैं।








