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सिंचपाल से जुड़े
कुछ महत्वपूर्ण नोट्स – प्रवीण बर्तवाल
- नई कृषि नीति जारी की गई – 2011-12 मे
- राज्य का पर्वतीय भू छेत्र है – 86.07%
- राज्य मे समतलीय छेत्र का भू छेत्र है - 13.93%
- राज्य समतलीय छेत्र मे मुख्य फसल है – गेहु , धान , गन्ना , उर्द , मूंग ,चना, मटर , सोयाबीन ,
- सम्पूर्ण उत्तराखंड सर्वाधिक उत्पादित फसल – गेहू , चावल , आलू
- राज्य मे पहाड़ी फसल मे – गेहू ,चावल, मँड़ुआ ,झिंगोरा
- स्थानीय भूमि का पैमाना है – नाली व मुट्ठी
- राज्य मे कुल शुद्ध सिंचित छेत्र है – 63.61 % नलकूप से , 24.79% नहर से , 4.10% कुओं से , 0.02 % तालाब से , 7.78% अन्य साधन से
- उत्तराखंड मे नहरों की कुल लंबाई – 11346 किमी है
- सब से अधिक सिंचित छेत्र – उधम सिंह नगर
- सबसे कम सिंचित छेत्र – चमोली है
- राज्य की सबसे पुरानी नहर है – ऊपरी गंगा नहर जो 1842-52 मे बनी थी
- सर्वाधिक नहरों द्वारा सिचाई वाले जिले है – नैनीताल , उधम सिंह , देहारादून , हरिद्वार
- सर्वाधिक नलकूप द्वारा सिचाई वाले जिले है- उधम सिंह , हरिद्वार , नैनीताल , देहारादून
- बासमती चावल के लिए प्रसिद्ध – देहारादून है
- चावल के लिए प्रसिद्ध जिले है – देहारादून, उधम सिंह , हरिद्वार , टिहरी ,पौड़ी ,
- मँड़ुआ (रागी , कोदा) के उत्पादन मे उत्तराखंड का स्थान - 3 है
- गन्ना उत्पादन मे राज्य के जिले है -हरिद्वार ,देहारादून ,नैनीताल ,
- उत्तराखंड लीची के उत्पादन मे देश मे 6 स्थान पर है और राज्य मे सर्वाधिक उत्पादन के लिए देहारादून प्रथम स्थान पर है
- राज्य मे सेब का उत्पादन उत्तरकाशी 50% से अधिक करता है , और अन्य देहारादून, नैनीताल , अल्मोड़ा, पिथौरागढ़
- उत्तराखंड मे उत्पादित सेब को दिल्ली मे न्यूजीलैंड ब्रांड के नाम से मार्केट मे बेचा जाता है और अन्य प्रदेश मे हिमाचली सेब के नाम से बेचा जाता है
- संतरे और नींबू का उत्पादन के जिले है – नैनीताल , अल्मोड़ा , देहारादून
- चाय के बागान है – अल्मोड़ा, वागेश्वर , पौड़ी , नैनीताल , चमोली , पिथौरागढ़ , देहारादून
- बैलाडोना नमक औषधि का उत्पादन 1903 मे कुमाऊँ छेत्र मे किया गया.
- उत्तराखंड मे उत्पादित श्रेष्ट चाय है – आर्गेनिक चाय
- आधुनिक चाय उत्पादन इकाई स्थापित है – कौसानी बागेश्वर मे
- उत्तखण्ड मे 1815 मे कुमऊँ मे गार्डनर और 1816 मे गड़वाल मे ट्राइल के नेतृत्व मे पहला भू बंदोबस्त किया गया
- ब्रिटिश काल मे राज्य मे कुल भूमि बंदोबस्त हुये – 11
- स्वैछिक चकबंधी वर्तमान मे उत्तराखंड मे चलायी जा रही है
- दुध और उस जुड़े उत्पाद की आपूर्ति के लिए उत्तखण्ड मे आँचल ब्रांड बनाया गया है
- मिल्क पाउडर प्लांट स्थापित किया गया है –उधम सिंह नगर मे
- डेरी शोध और विकाश केंद्र है – नैनीताल मे
