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औरंगजेब के कुछ नोट्स – प्रवीण नोट्स कोचिंग नोट्स
औरंगजेब का जन्म 24 अक्तूबर 1618 मे दोहाद गुजरात मे हुआ था
इसका बचपन नूरजहां के पास बिता था
इस का निगाह दिलरास बानो बेगम के साथ हुआ था यह फारस के राजघारने की थी
इसका गुरु मीर मुहम्मद हकीम था
औरंगजेब को शासक बनने के लिए अपने भाइयो से युद्ध काना पड़ा था
दारा और और औरंगजेब के बीच उत्तरदिकर का अंतिम युद्ध देवराई की घाटी मे 1659 मे हुआ , इस युद्ध मे औरंगजेब विजयी रहा , उसके बाद उसने इलाम धर्म की अवहेलना के आरोप मे दारा की हत्या करवा दी
1659 मे दिल्ली के शझन के महल मे दूसरी बार औरंगजेब का राज्याभिषेक हुआ
यह सुन्नी धर्म को मानता था ,
इसे जिंदा पीर कहा जाता था
जय सिंग और शिवाजी की बीच पुरंदर की सनदी 22जून, 1665 ई को हुई
1666 मे आगरा के किले के दीवान ए आम मे औरंगजेब के समक्ष शिवाजी को उपस्थित कराया गया
जयपुर भवन मे शिवाजी को कैद कर के रखा गया
इस्लाम नहीं स्वीकारने के कारण सिक्खो के 9 वे गुरु तेग बहदुर की हत्या औरंगजेब ने 1675 मे दिल्ली मे करवा दी
उसने 1679 मे हिन्दुओ पर जज़िया कर को पुनः लागू किया
इसने बीबी का मकबरा का निर्माण 1687 मे औरंगाबाद महाराष्ट्र मे करवाया
दिल्ली के लाल किले मे मोती मस्जिद का निर्माण औरंगजेब ने करवाया था
1685 मे बीजापुर और 1687 मे गोलकुंडा को आईएनएसने मुगल राजी मे मिलाया
मदन्ना एवं अकन्ना नमक ब्राह्मणो का संबंद गोलकुंडा के शासक अबुल हसन से था
जाट विद्रोह का नेतृत्व गोलकुंडा एवं राजाराम ने किया था
औरंगजेब ने सर्वाधिक हिन्दु अधिकारिओयों की नियुक्ति करने वाला मुगल सम्राट था
औरंगजेब का पुत्र अकबर ने दुर्गादास के बहकावे मे आकार अपने पिता के खिलाफ विद्रोह किया
औरंगजेब ने कुरान को अपने शासन का आधार बनाया
इसने अपने दरबार मे संगीत पर पाबंदी लगा दी थी , और सरकारी संगीतज्ञों को अवकाश दे दिया गया
औरंगजेब स्वयं वीणा बजाने मे दक्ष था
औरंगजेब ने 1665 मे हिन्दू मंदिरो को तोड़ने का आदेश दिया
इन तोड़े गए मंदिरो मे समनाथ का मंदिर , बनर्ष का विश्वनाथ मंदिर , वीर सिंह देव द्वारा जहांगीर काल मे मधुरा मे निर्मित केशराय मंदिर थे
इस का चिकत्सक फ्रांसीसी यात्री फ़्रांकोइस बरनीयर था
औरंगजेब की मृत्य 20 फरवरी ,1707 मे हुई, इसकी मृत्यु के बाद सी दोलताबाद मे खुलदाबाद (रोजा) मे दफनाया गया
जिन दोस्तो को नोट्स अच्छे लगे हो कमेंट मे yes / no जरूर लिखे और शेअर करना न भूले
प्रवीन बर्तवाल
औरंगजेब का जन्म 24 अक्तूबर 1618 मे दोहाद गुजरात मे हुआ था
इसका बचपन नूरजहां के पास बिता था
इस का निगाह दिलरास बानो बेगम के साथ हुआ था यह फारस के राजघारने की थी
इसका गुरु मीर मुहम्मद हकीम था
औरंगजेब को शासक बनने के लिए अपने भाइयो से युद्ध काना पड़ा था
दारा और और औरंगजेब के बीच उत्तरदिकर का अंतिम युद्ध देवराई की घाटी मे 1659 मे हुआ , इस युद्ध मे औरंगजेब विजयी रहा , उसके बाद उसने इलाम धर्म की अवहेलना के आरोप मे दारा की हत्या करवा दी
1659 मे दिल्ली के शझन के महल मे दूसरी बार औरंगजेब का राज्याभिषेक हुआ
यह सुन्नी धर्म को मानता था ,
इसे जिंदा पीर कहा जाता था
जय सिंग और शिवाजी की बीच पुरंदर की सनदी 22जून, 1665 ई को हुई
1666 मे आगरा के किले के दीवान ए आम मे औरंगजेब के समक्ष शिवाजी को उपस्थित कराया गया
जयपुर भवन मे शिवाजी को कैद कर के रखा गया
इस्लाम नहीं स्वीकारने के कारण सिक्खो के 9 वे गुरु तेग बहदुर की हत्या औरंगजेब ने 1675 मे दिल्ली मे करवा दी
उसने 1679 मे हिन्दुओ पर जज़िया कर को पुनः लागू किया
इसने बीबी का मकबरा का निर्माण 1687 मे औरंगाबाद महाराष्ट्र मे करवाया
दिल्ली के लाल किले मे मोती मस्जिद का निर्माण औरंगजेब ने करवाया था
1685 मे बीजापुर और 1687 मे गोलकुंडा को आईएनएसने मुगल राजी मे मिलाया
मदन्ना एवं अकन्ना नमक ब्राह्मणो का संबंद गोलकुंडा के शासक अबुल हसन से था
जाट विद्रोह का नेतृत्व गोलकुंडा एवं राजाराम ने किया था
औरंगजेब ने सर्वाधिक हिन्दु अधिकारिओयों की नियुक्ति करने वाला मुगल सम्राट था
औरंगजेब का पुत्र अकबर ने दुर्गादास के बहकावे मे आकार अपने पिता के खिलाफ विद्रोह किया
औरंगजेब ने कुरान को अपने शासन का आधार बनाया
इसने अपने दरबार मे संगीत पर पाबंदी लगा दी थी , और सरकारी संगीतज्ञों को अवकाश दे दिया गया
औरंगजेब स्वयं वीणा बजाने मे दक्ष था
औरंगजेब ने 1665 मे हिन्दू मंदिरो को तोड़ने का आदेश दिया
इन तोड़े गए मंदिरो मे समनाथ का मंदिर , बनर्ष का विश्वनाथ मंदिर , वीर सिंह देव द्वारा जहांगीर काल मे मधुरा मे निर्मित केशराय मंदिर थे
इस का चिकत्सक फ्रांसीसी यात्री फ़्रांकोइस बरनीयर था
औरंगजेब की मृत्य 20 फरवरी ,1707 मे हुई, इसकी मृत्यु के बाद सी दोलताबाद मे खुलदाबाद (रोजा) मे दफनाया गया
जिन दोस्तो को नोट्स अच्छे लगे हो कमेंट मे yes / no जरूर लिखे और शेअर करना न भूले
प्रवीन बर्तवाल
