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पटवारी पेपर के लिए यह समझना जरुरी...प्रवीन नोट्स
1.थोकदार . किसी थोक के पदानो के कार्य की देख रेख करकरने वाला
जिसे पुलिस के समान अघिकार प्राप्त होते थे
2. परगना. कुछ पट्टियों को मिलकर एक परगना बनाया जाता था
3.कानूनगो . भूमि संबंधी नियमो और राजस्व वसूली का रिकोर्ड रखने
वाला सरकारी कर्मचारी .जो पटवारी से भी ऊपर होता था
4. पट्टा . राजस्व अधिकारी द्वारा राजस्व देने वाले को दिया गया दस्तावेज
या अधिकार पत्र जिसमे उन शर्तों का उल्लेख होता था जिस पर भूमि
उसे दी गई है
5. कमिशनर. वह सरकारी अधिकारी ,जिसके अधीन कई जनपदो को
मिलकर बनाये गए मंडल का प्रशासन होता था . यह पद 1829 ई मे अस्तित्व
में आया
6. कलेक्टर(जिलाधिकारी). जिले की सम्पूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था के लिए जिम्मेदार
अधिकारी
ब्रिटिश काल में कलेक्टर जिले में राजस्व वसूली का प्रभारी अधिकारी होता था
7. पदान . ग्रामीण छेत्रो में गांव से राजस्व वसूलने और उसे सरकारी खजाने
में जमा करने के लिए नियुक्त किया जाने वाला व्यक्ति
8. गुमाश्ता . जमीं से सम्बंधित मामलो के लिए राजस्व अधिकारी द्वारा नियुक्त
किया गया व्यक्ति
ब्रिटिश काल में यह व्यक्ति किसानो और अंग्रेजो के बिच मध्यस्थ का काम करता था
9. कमीण . एक अधिकारी द्वारा गावो के राजस्व की वसूली करने वाला ऐसा
व्यक्ति जिसका सम्बंधित गांव की जायदाद पर कोई समित्व नहीं होता था
10. सायाणा. जौनसार के ग्रामीण छेत्रो के विवादों के निपटारे के लिए अधिकृत
व्यक्ति, यहाँ ग्राम स्याणा और कुछ गावो से मिलकर बने खटी पर खत स्याणा कहलाया
था
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1.थोकदार . किसी थोक के पदानो के कार्य की देख रेख करकरने वाला
जिसे पुलिस के समान अघिकार प्राप्त होते थे
2. परगना. कुछ पट्टियों को मिलकर एक परगना बनाया जाता था
3.कानूनगो . भूमि संबंधी नियमो और राजस्व वसूली का रिकोर्ड रखने
वाला सरकारी कर्मचारी .जो पटवारी से भी ऊपर होता था
4. पट्टा . राजस्व अधिकारी द्वारा राजस्व देने वाले को दिया गया दस्तावेज
या अधिकार पत्र जिसमे उन शर्तों का उल्लेख होता था जिस पर भूमि
उसे दी गई है
5. कमिशनर. वह सरकारी अधिकारी ,जिसके अधीन कई जनपदो को
मिलकर बनाये गए मंडल का प्रशासन होता था . यह पद 1829 ई मे अस्तित्व
में आया
6. कलेक्टर(जिलाधिकारी). जिले की सम्पूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था के लिए जिम्मेदार
अधिकारी
ब्रिटिश काल में कलेक्टर जिले में राजस्व वसूली का प्रभारी अधिकारी होता था
7. पदान . ग्रामीण छेत्रो में गांव से राजस्व वसूलने और उसे सरकारी खजाने
में जमा करने के लिए नियुक्त किया जाने वाला व्यक्ति
8. गुमाश्ता . जमीं से सम्बंधित मामलो के लिए राजस्व अधिकारी द्वारा नियुक्त
किया गया व्यक्ति
ब्रिटिश काल में यह व्यक्ति किसानो और अंग्रेजो के बिच मध्यस्थ का काम करता था
9. कमीण . एक अधिकारी द्वारा गावो के राजस्व की वसूली करने वाला ऐसा
व्यक्ति जिसका सम्बंधित गांव की जायदाद पर कोई समित्व नहीं होता था
10. सायाणा. जौनसार के ग्रामीण छेत्रो के विवादों के निपटारे के लिए अधिकृत
व्यक्ति, यहाँ ग्राम स्याणा और कुछ गावो से मिलकर बने खटी पर खत स्याणा कहलाया
था
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